ब्याज दरों पर टाल दी RBI ने राहत, 6.25 फीसदी रहेगा रेपो रेट
8/2/2017
NationalDuniya

छठवीं मौद्रिक समीक्षा नीति में आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने आम आदमी को किसी तरह की राहत का रास्ता बंद करते हुए रेपो रेट में कोई परिवर्तन नहीं किया. चालू वित्त वर्ष की छठवीं मौद्रिक समीक्षा बैठक के बाद रिजर्व बैंक ने कहा कि देश के सामने ये चुनौतियां मौजूद हैं- मार्केट, एक्सपर्ट और ज्यादातर रिसर्च हाउसेज ने उम्मीद जताई थी कि रिजर्व बैंक अपनी छठवीं द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर देश में ब्याज दरों को कम करने का रास्ता साफ कर सकता है. रेपो रेट में कटौती की उम्मीद का सबसे अहम आधार दिसंबर में पिछली मौद्रिक नीति के बाद से देश रीटेल महंगाई का कम होना था. हालांकि रिजर्व बैंक ने माना कि देश की आर्थिक स्थिति के सामने वैश्विक चुनौतियां मौजूद हैं. लिहाजा नोटबंदी से खपत पर लगी चोट पर मरहम लगाने और खपत बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में अधिक कटौती के कयासों को सिरे से नकार दिया.इन कारणों से रिजर्व बैंक ने टाला ब्याज दरों में कटौती का फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की मजबूत होती कीमत. जनवरी 2014 में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से गिरकर जनवरी 2016 तक 30 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गई थी. एक बार फिर क्रूड ऑयल 53-55 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर मजबूत हो रहा है जो कि भारत समेत दुनिया के लिए परेशानी का संकेत है.

 
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